University of Allahabad Notable Alumni

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University of Allahabad जिसे हम Allahabad University और AU के नाम से जानते है। यह University भारत की सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी मे से एक है। जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले मे स्थित है। जिसे हम इलाहाबाद भी कहते है। इसकी स्थापना सन्न 1887 मे हुई थी। यह University पिछले एक शताब्दी से भी अधिक समय से नेतृत्व, विद्वत्ता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का उद्गम स्थल रहा है। इस ब्लॉग मे हम University of Allahabad notable alumni, campus और इसके अन्य affiliated colleges और भी चीजों जो University of Allahabad के बारे मे है। उन्हे जनेगे।

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University of Allahabad notable alumni

  • डॉ शंकर दयाल शर्मा: भारत के पूर्व राष्ट्रपति
  • जाकिर हुसैन: भारत के पूर्व राष्ट्रपति
  • गुलजारी लाल नंदा, बी पी सिंह, चंद्र शेखर: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री
  • पंडित मदन मोहन मालवीय: बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी के संस्थापक
  • गोविंद बल्लभ पंथ, एच एन बहुगुणा, एन डी तिवारी: पूर्व मुख्यमंत्री
  • हरिवंश राय बच्चन, महादेवी वर्मा और फ़िराक़ गोरखपुरी: प्रमुख हिन्दी कवि और लेखक
  • प्रो. हरीश चंद्र, डॉ. मेघनाथ साहा, प्रो. दौलत सिंह कोठारी: प्रमुख वैज्ञानिक और गणितज्ञ
  • रंगनाथ मिश्र, के.एन. सिंह, वी.एन. खरे: भारत के पूर्व प्रमुख न्यायाधीश
  • फ़िरोज़ गांधी: स्वतंत्रता सेनानी
  • कृष्णस्वामी सुंदरजी: पूर्व सेनाध्यक्ष

यह कुछ प्रमुख University of Allahabad notable alumni के नेम है। अगर आप और भी University of Allahabad notable alumni के बारे मे जानना चाहते हो तो आगे पढे।

यहाँ University Of Allahabad के सभी University of Allahabad notable alumni की लिस्ट है। और उनके बारे मे बताया गया है।

Allahabad university campus area

Allahabad university campus area शहर के बीच मे स्थित है। जो की 232 एकड़ तक बिस्तरित है। जो की कटरा और बैंक रोड मे है, Allahabad university campus area मे कुल पाँच संकाय(campus houses) स्थित है। (बिज्ञान, कला, वाणिज्य, कानून और प्रबंधन) और इनके साथ ही हॉस्टल कैंपस मे खेल परिषद, लाइब्रेरी और भी बहुत कुछ है।

Allahabad university establishe

University of Allahabad की स्थापना 23 मार्च 1887, कलकत्ता, बम्बई और मद्रास विश्वविद्यालय के बाद यह यूनिवर्सिटी भारत की चौथी सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है। इसकी स्थापना म्योर सेंट्रल कॉलेज से होती है, जिसकी स्थापना 1873 में यूनाइटेड प्रॉविंसेस के तत्कालीन लेफ्टिनेंट गवर्नर सर विलियम म्योर की दूरदर्शिता के अंतर्गत की गई थी।

Allahabad university affiliated colleges list

  • Allahabad Degree College
  • Arya Kanya Degree College
  • Chaudhary Mahadeo Prasad Post Graduate College
  • Ewing Christian College (Autonomous Minority College)
  • Govind Ballabh Pant Social Science Institute
  • Hamidia Girls’ Degree College
  • Ishwar Saran Degree College
  • Jagat Taran Girls’ Degree College
  • K.P Training College
  • Rajarshi Tandon Girls’ Degree College
  • S.S. Khanna Girls Degree College
  • S.P.M. Govt. Degree College

University of Allahabad NIRF ranking

2024 NIRF रैंकिंग में, इलाहाबाद विश्वविद्यालय (AU) की इंजीनियरिंग श्रेणी में रैंक बैंड 201-300 है । विश्वविद्यालय के जेके इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड फिजिक्स एंड टेक्नोलॉजी (JK) को पहली बार इस रैंक बैंड में रखा गया। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू अनुसंधान एवं व्यवसाय प्रशासन संस्थान (MONIRBA) को प्रबंधन संस्थानों की श्रेणी में 101-125 की श्रेणी में स्थान दिया गया। 

CategoryRanking/BandSource
NIRF Overall UniversityNot in Top 20045
NIRF Engineering (JK Institute)201-30014
NIRF Management (MONIRBA)101-1254
India Today (Govt. Universities)151

Motto: “Quot Rami Tot Arbores”

बरगद के पेड़ के प्रतीक में सन्निहित, आदर्श वाक्य “कोट रामी टोट आर्बोरेस” या “यावत्य: शाखास्तवंतोवृक्षा:” का अनुवाद ” जितनी शाखाएँ, उतने पेड़ ” के रूप में किया जाता है। आदर्श वाक्य हमें विविध शैक्षणिक विषयों को विकसित करने के लिए प्रेरित करता है, जो शाखाओं के प्रतीक हैं, जो ज्ञान के विशाल जंगल में योगदान करते हैं।

“As Many Branches, So Many Trees” – University of Allahabad Motto

F&Q – People also ask

What are some lesser-known achievements of Allahabad University’s alumni

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने कई ऐसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जो कम ही लोगों को पता हैं। स्वतंत्रता संग्राम में शहीद लाल पद्मधर जैसे छात्रों ने नेतृत्व किया, तो विज्ञान में प्रह्लाद भटनागर और केदारेश्वर बनर्जी ने शोध के नए आयाम स्थापित किए। साहित्य में महादेवी वर्मा और रघुपति सहाय ‘फिराक’ ने हिंदी साहित्य के साथ-साथ सामाजिक चेतना को भी दिशा दी। जल संरक्षण में ‘जलपुरुष’ राजेंद्र सिंह ने अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, वहीं शतरंज में मनुएल आरोन भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय मास्टर बने। प्रशासन, समाज सेवा, न्याय, पत्रकारिता और कला के क्षेत्रों में भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों ने अनूठी उपलब्धियाँ अर्जित की हैं, जिनकी चर्चा आमतौर पर कम होती है, लेकिन वे विश्वविद्यालय की गरिमा को विश्व स्तर पर ऊँचा उठाती हैं।

How has Allahabad University influenced the careers of its notable alumni

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने अपने समृद्ध शैक्षणिक माहौल, बहस और विचार-विमर्श की परंपरा, तथा विविध सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से अपने पूर्व छात्रों के व्यक्तित्व और करियर को गहराई से प्रभावित किया है; यहीं के खुले बौद्धिक वातावरण और प्रेरक शिक्षकों के मार्गदर्शन ने मदन मोहन मालवीय, गोविंद बल्लभ पंत, शंकर दयाल शर्मा, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन जैसे अनेक छात्रों को नेतृत्व, नवाचार और समाज सेवा के लिए तैयार किया, जिससे वे आगे चलकर राजनीति, न्याय, साहित्य, शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट


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