Is Coaching Necessary for UPSC 2026 | UPSC बिना कोचिंग के कैसे पास करें | Toppers Advice

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UPSC (Union Public Service Commission) भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। यह परीक्षा तीन चरणों में होती है, Prelims, Mains और Interview
हर साल लाखों छात्र इस एग्जाम में बैठते हैं, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है जो धैर्य, अनुशासन और सही रणनीति के साथ पढ़ाई करते हैं। UPSC सिर्फ “ज्ञान” नहीं, बल्कि “सोचने की क्षमता” को भी परखता है।

तो सवाल उठता है:

  • क्या कोचिंग के बिना UPSC पास किया जा सकता है?
  • क्या Coaching ही सफलता की चाबी है?

चलिए, जानते हैं विस्तार से। 

आज सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला सवाल यही है कि is coaching necessary for UPSC exam या फिर is it necessary to join coaching for UPSC preparation

इसका सीधा जवाब है: नहीं, UPSC के लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह मददगार जरूर हो सकती है। यही कारण है कि Quora और Google पर “is coaching necessary for UPSC quora” जैसे सवाल बार-बार दिखाई देते हैं।

UPSC Syllabus कितना बड़ा है? 

अगर आपसे कोई कहता है कि UPSC का Syllabus दुनिया के सबसे विशाल सिलेबस में से एक है तो यह बिल्कुल सच है लेकिन सही रणनीति के साथ पढ़ते हैं तो कठिन भी नहीं है। इसमें History, Geography, Polity, Environment, Science and technology, Ethics, Economy और Current affairs जैसे कई विषय शामिल होते हैं जो हमें पूरे भारत और दुनिया को समझने की क्षमता विकसित करते हैं। इसमें उम्मीदवारों को न केवल फैक्ट्स याद करने होते हैं बल्कि उनका एनालिसिस करना, एक दूसरे से तुलना करना और अपने विचारों को सही तरीके से व्यक्त करना होता है। 

UPSC Syllabus को इतना टफ इसीलिए माना जाता है क्योंकि इसमें ” क्या जानते हो” पर निर्भर नहीं बल्कि ” कैसे सोचते हो” पर निर्भर करता है।

जब उम्मीदवार यह पूछते हैं कि is coaching necessary for UPSC preparation, तो असल में वे सिलेबस की विशालता से डर रहे होते हैं। सच यह है कि सिलेबस बड़ा जरूर है, लेकिन अगर उसे सही तरीके से माइक्रो-टॉपिक्स में बांट दिया जाए, तो बिना कोचिंग भी UPSC की तैयारी संभव है

क्यों UPSC भारत की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है? 

Is Coaching Necessary for UPSC Debate and Discussion on Coaching vs Self Study
UPSC तैयारी में क्या कोचिंग जरूरी है? जानिए इस बहस में कोचिंग और सेल्फ स्टडी के फायदे व नुकसान।

UPSC भारत की सबसे कठिन परीक्षा इसलिए माना जा सकता है क्योंकि इसमें विशाल सिलेबस, लाखों की संख्या में प्रतिस्पर्धा जिसमें चयन कुछ ही लोगों का होता है। इसका सिलेबस इतना विशाल होता है कि इसको कवर करने और समझने में सालों लग जाते हैं। लंबे समय तक पढ़ाई, बार-बार असफलता, समाज की बातों से बहुत से उम्मीदवार मानसिक चिंतन में आ जाते हैं और बीच में ही पढ़ाई भी बंद कर देते हैं यही कारण है कि इसे हर एग्जामो में सबसे टफ माना जाता है फिर भी हर साल बहुत से उम्मीदवार इस एग्जाम को क्लियर करके अच्छे रैंक भी लाते हैं। 

Ex – 2024 में All India Topper, Rank 1 Shakti Dubey.

UPSC Coaching के फायदे और नुकसान 

मैं आपको कोचिंग के फायदे और नुकसान को कुछ प्वाइंट के माध्यम से समझाऊंगा जिसके आधार पर आप निर्णय ले सकते हैं कि आपको कोचिंग करना चाहिए या नहीं! 

कोचिंग के फायदे 

benifitst og upsc cochings
  • सही दिशा और मार्गदर्शन : कोचिंग संस्थान प्री, मेंस और इंटरव्यू तीनों को ध्यान में रखते हुए सही स्ट्रेटजी बताते हैं। 
  • अनुभवी शिक्षकों से सीखने का मौका: कोचिंग में पढ़ाने वाले अनुभवी टीचर से सीखने का मौका क्या वो गलती किए जिससे उनको सफलता नहीं मिली। 
  • कॉम्पिटिटिव माहौल मिलता है: कोचिंग में ऐसे अनेक उम्मीदवार मिलते हैं जो सालों से तैयारी कर रहे हों और तेज भी होते हैं उनके साथ बैठकर खुद को आंकना। 
  • रेगुलर टेस्ट और फीडबैक: टेस्ट सीरीज से अपनी कमियों का पता चलता है और सुधार का मौका भी मिलता है। 

कोचिंग के नुकसान 

disadvanteg of upsc coching
  • महंगा खर्च: कोचिंग की फीस, किताबें, रहना आदि का खर्चा बहुत ज्यादा होता है। 
  • सेल्फ स्टडी के लिए समय की कमी: क्लास, नोट्स, टेस्ट के बीच खुद की रिवीजन का समय कम मिलता है। 
  • ओवरडिपेंसी का खतरा: कई छात्र कोचिंग पर इतना निर्भर हो जाते हैं कि खुद से सोचने और समझने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती है। 
  • क्वालिटी का फर्क: हर कोचिंग अच्छी नहीं होती है, कई कोचिंग संस्थान सिर्फ मार्केटिंग पर ध्यान देते हैं, गाइडेंस पर नहीं। 

यही कारण है कि कई उम्मीदवार यह सवाल पूछते हैं: is it necessary to take coaching for UPSC या is it necessary to have a coaching for UPSC

सच्चाई यह है कि कोचिंग एक सुविधा है, कोई शर्त नहीं। अगर आपके पास सही किताबें, ऑनलाइन संसाधन और आत्म-अनुशासन है, तो कोचिंग के बिना भी तैयारी प्रभावी हो सकती है।

क्या बिना कोचिंग के UPSC क्लियर किया जा सकता है? 

बिल्कुल, बिना कोचिंग के UPSC क्लियर किया जा सकता है, इस बात को बहुत से टॉपर्स ने साबित भी कर दिए हैं।

उदाहरण के लिए:

  1. दिव्या तंवर (Air 438, 2021)
  2. शुभम कुमार (Air 1, 2020)
  3. सृष्टि देशमुख (Air 5 , 2018)

जैसे कई उमीदवार अपने मेहनत और स्मार्ट स्ट्रेटजी से इस एग्जाम को क्लियर करते हैं। वर्तमान समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, youtube लेक्चर, फ्री स्टडी मटेरियल की मदद से पहले से सेल्फ स्टडी और आसान हो गई है। 

बहुत से उम्मीदवार खास तौर पर यह जानना चाहते हैं कि is GS coaching necessary for UPSC CSE Quora पर लोग क्या राय देते हैं।

GS (General Studies) के लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है, क्योंकि इसका सिलेबस NCERTs, स्टैंडर्ड बुक्स और करंट अफेयर्स से कवर किया जा सकता है। हां, शुरुआती स्तर पर दिशा समझने के लिए कुछ समय की गाइडेंस मददगार हो सकती है।

Self Study कैसे करें और इसके फायदे क्या हैं? 

UPSC की तैयारी में Self Study की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर आप सही रणनीति के साथ पढ़ाई करते हैं तो बिना कोचिंग के भी UPSC क्लियर कर सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे करे self study! 

  • अपनी तैयारी को तीन चरणों – Pre, Mains और Interview में बांटकर हर महीने का प्लानिंग बनाएं। 
  • बेसिक ज्ञान के लिए सबसे पहले NCERT किताबों को पढ़ें उसके बाद ही स्टैंडर्ड बुक्स देखें ताकि समझने में दिक्कत ना हो। 
  • हर एक हफ्ते में जितना पढ़ते हैं उसका टॉपिक वाइज टेस्ट दीजिए और मेंस आंसर राइटिंग का भी प्रैक्टिस करते रहें। 
  • करेंट अफेयर्स के लिए आप कोई मंथली मैक्ज़िन देख सकते हैं। 
  • इस एग्जाम में सबसे जरूरी चीज है धैर्य, इसको हमेशा बनाए रखें। 
  • टेस्ट देने के बाद आप अपनी गलतियों को देखें और उसे सुधारने की कोशिश करें। 

उदाहरण के तौर पर आप इस टेस्ट कॉपी को देख सकते हैं! 

Self Study के फायदे 

कई उम्मीदवारों का एक अलग सवाल होता है: is it necessary to join coaching for UPSC optional

इसका जवाब ऑप्शनल सब्जेक्ट पर निर्भर करता है। अगर ऑप्शनल आपका ग्रेजुएशन सब्जेक्ट है, तो अक्सर कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन अगर सब्जेक्ट नया है, तो सीमित समय की कोचिंग फायदेमंद हो सकती है।

  • खुद की समझ के अनुसार पढ़ाई। 
  • समय और धन दोनों की बचत। 
  • स्वतंत्र सोच और निर्णय क्षमता का विकास। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2020 के एक सर्वे में 24% छात्रों ने बिना कोचिंग के ही इस परीक्षा को दी थी और कई लोगों को सफलता की प्राप्ति भी हुई। 

Coaching Vs Self Study कौन बेहतर है? 

नीचे दिए गए तथ्यों के माध्यम से आप अनुमान लगा सकते हैं दोनों में कौन सबसे अच्छा है!

बिंदुCoachingSelf Study
मार्गदर्शन (Guidance)अनुभवी शिक्षकों से तय दिशा और रणनीति मिलती हैखुद से योजना बनानी पड़ती है, लेकिन स्वतंत्रता अधिक होती है
संसाधन (Resources)कोचिंग में नोट्स, टेस्ट सीरीज़ और स्टडी मटेरियल तैयार मिलते हैंखुद को भरोसेमंद स्रोतों से सामग्री जुटानी पड़ती है
समय प्रबंधन (Time Management)तय क्लास टाइमटेबल के कारण अनुशासन बना रहता हैलचीलापन होता है लेकिन आत्म-अनुशासन जरूरी है
खर्च (Cost)फीस अधिक होती है, बड़े शहरों में खर्च बढ़ जाता हैलगभग निशुल्क, सिर्फ किताबों और ऑनलाइन संसाधनों का खर्च
प्रेरणा (Motivation)ग्रुप स्टडी और गाइडेंस से मोटिवेशन बना रहता हैआत्म-प्रेरणा और लगातार फोकस जरूरी है
लचीलापन (Flexibility)फिक्स्ड शेड्यूल के कारण लचीलापन कम होता हैअपनी गति से पढ़ाई की जा सकती है
सफल उदाहरण (Examples)जैसे गौरव अग्रवाल, टीना डाबी ने कोचिंग लीजैसे सृष्टि देशमुख, दिव्या तंवर ने बिना कोचिंग सफलता पाई

UPSC Toppers का नजरिया – क्या कोचिंग जरूरी है? 

यहां पर मैं आपको कई ऐसे टॉपर की अनुभव को शेयर करने वाला हु जिन्होंने बताया है कोचिंग जरूरी है या नहीं! 

1. शक्ति दूबे ( Air 1, 2024) 

यह कहती हैं कि

कोचिंग सिर्फ एक guiding tool है; सफलता तब मिलती है जब विद्यार्थी खुद सोचकर, खुद पढ़कर और खुद सुधार कर आगे बढ़ता है।

2. दिव्या तंवर ( Air 438, 2021) 

अगर लगन और योजना सही हो, तो कोचिंग की जरूरत नहीं पड़ती।

वो बताती हैं कि उन्होंने फ्री ऑनलाइन लेक्चर, यूट्यूब और NCERT जैसी किताबों से पूरी तैयारी की और खुद का टाइमटेबल बनाकर रिवीजन किया।

3. सृष्टि देशमुख ( Air 5, 2018) 

कोचिंग सिर्फ दिशा दिखा सकती है, मेहनत तो आपको खुद ही करनी पड़ती है।

उनका मानना था कि कोचिंग एक गाइडलाइन देती है, लेकिन तैयारी की असली ताकत आपकी स्वयं की अनुशासन और निरंतरता में होती है।

Note: सबका अनुभव लगभग समान ही है, इस तैयारी में कोचिंग और सेल्फ स्टडी दोनों बहुत जरूरी है क्योंकि बिना मार्गदर्शन के self study भी नहीं हो सकती है। अगर आपके पास सही मार्गदर्शन है तो बिना कोचिंग के भी क्लियर कर सकते हैं। 
Coaching + Self Study = Success

9. FAQs ( People Also Ask) 

Is coaching really necessary for UPSC?

नहीं, कोचिंग जरूरी नहीं है। सही रणनीति, सिलेबस की समझ और निरंतर अभ्यास से बिना कोचिंग भी UPSC क्लियर किया जा सकता है अगर ऐसी समझ नहीं है तो कोचिंग जरूरी है। 

Can I study UPSC without coaching?

हाँ, बिल्कुल। इंटरनेट, NCERTs, स्टैंडर्ड बुक्स और टॉपर्स की गाइडेंस से घर पर भी UPSC की तैयारी सफलतापूर्वक की जा सकती है।

What is the 80–20 rule for UPSC?

इसका मतलब है, 80% प्रश्न सीमित 20% टॉपिक से आते हैं। इसलिए समझदारी से सिलेक्टेड टॉपिक को गहराई से पढ़ना जरूरी है।

क्या वाकई यूपीएससी के लिए कोचिंग ज़रूरी है?

नहीं, जरुरी नहीं। कोचिंग सिर्फ दिशा दिखाती है, लेकिन असली मेहनत खुद करनी पड़ती है। कई टॉपर बिना कोचिंग भी सफल हुए हैं।

क्या मैं बिना कोचिंग के यूपीएससी की पढ़ाई कर सकता हूँ?

हाँ, आप कर सकते हैं। अगर आपके पास आत्मअनुशासन, सही योजना और समय प्रबंधन है तो कोचिंग की जरूरत नहीं।

What is the 7–5–3 rule in UPSC?

यह एटेम्प्ट लिमिट और एज लिमिट से जुड़ा नियम है,
General Category: 6 attempts till 32 years
OBC: 9 attempts till 35 years
SC/ST: Unlimited attempts till 37 years

Who passed IAS without coaching?

कई टॉपर जैसे सृष्टि देशमुख, अनुदीप दुरीशेट्टी, दिव्या तंवर, अपूर्वा पांडे आदि ने बिना कोचिंग UPSC पास किया है।

कुल मिलाकर, जब कोई पूछता है is it necessary to join coaching for UPSC, तो इसका एक ही जवाब नहीं हो सकता। UPSC की तैयारी व्यक्ति-केंद्रित होती है। कुछ उम्मीदवार कोचिंग के साथ सफल होते हैं, तो कई बिना कोचिंग के भी टॉपर बनते हैं।

10. Conclusion: Is Coaching Really Necessary for UPSC ? 

कोचिंग जरूरी है या नहीं इसका जवाब हर व्यक्ति के पास अलग अलग हो सकता है क्योंकि ये मार्गदर्शन और समझ पर निर्भर करती हैं। अगर आपके पास सही मार्गदर्शन, स्मार्ट स्ट्रेटजी है तो आप भी बिना कोचिंग के ही यूपीएससी एग्जाम क्लियर कर सकते हैं, क्योंकि कोचिंग सिर्फ रास्ता दिखाती है मंजिल तक पहुंचना आपकी मेहनत तय करती है। 

अगर आप भी UPSC की तैयारी शुरू करने को सोच रहे हैं तो पहले अपने आपको देखें क्या वो क्षमता है आपके अंदर जो बिना कोचिंग के ही तैयारी कर सकते हैं, फिर कुछ निर्णय लें।

ऐसे जानकारी लेने के लिए sdreserchworld.in के साथ जुड़े रहें। 

अगर आप के मन मे कोई भी प्रश्न है तो नीचे कमेन्ट बॉक्स मे जरूर पूछे।

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